वाराणसी, मार्च 26 -- वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग की तरफ से आईसीएसएसआर की ओर से प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी 'वाराणसी के सांस्कृतिक गलियारे की कला, शिल्प और लोक परंपरा में संरक्षित पवित्र भूमि और विरासत' के दूसरे दिन शिल्पकला पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि प्रो. अवधेश प्रधान ने कहा कि काशी के शिल्पियों के बनाए मिट्टी, लकड़ी के खिलौने एवं गत्ते के मुखौटे दुनियाभर में विशिष्ट उत्पाद माने जाते हैं। विशिष्ट अतिथि बीएचयू की प्रो. ऊषा रानी तिवारी ने सात वार, नौ त्योहार का उल्लेख करते हुए बताया कि वाराणसी में वर्षभर 513 त्योहार मनाए जाते हैं। यह यहां की अद्वितीय सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है। अध्यक्षता करते हुए बीएचयू की अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. अनिता सिंह ने काशी को विविध दृष्टिकोण से देखने और ऐसे शैक्षणिक संवादों की महत्ता पर प...