वाराणसी, अप्रैल 2 -- वाराणसी। काशी की मां-बेटी की जोड़ी ने इन दिनों बंगाल में बनारस को जगा रखा है। मां प्रीति खन्ना और बेटी शिवानी खन्ना ने मिलकर न सिर्फ बनारस घराने की सांगीतिक विधाओं का प्रचार-प्रसार किया है बल्कि इस घराने की उन खूबियों को भी एक जगह समेटना शुरू किया है जो मूल रूप से हैं तो बनारस घराने की लेकिन बंगाल के अलग-अलग जिलों में सिमट गई हैं। मां-बेटी ने बनारस घराने सहित देश के अन्य घरानों के कलाकारों पर केंद्रित दृश्य-श्रव्य (डिजिटल) सामग्रियों का महत्वपूर्ण खजाना भी तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी कार्य को अंजाम देने के लिए काशी विरासत फाउंडेशन नामक संस्था की स्थापना की है। उसके बैनर तले यह जोड़ी सांगीतिक विरासत को समृद्ध करने में जुटी है। शिवानी का सपना है कि हमारी शास्त्रीय कलाएं केवल इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में नहीं, बल्कि ह...