काव्य गोष्ठी में तुलसी साहित्य के लोकमंगल पक्ष को रेखांकित किया
गाजीपुर, अगस्त 19 -- गाजीपुर। हरिशंकरी स्थित 'गीतिका निवास' में मंगलवार को तुलसी जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी और काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों और विद्वानों ने गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य, भक्ति काव्य और लोकमंगल की भावना पर विचार व्यक्त किए। प्रत्यूष नलिन ने कहा कि हिंदी साहित्य के इतिहास में तुलसीदास की कविता अप्रतिम है। डॉ. संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि तुलसी को उनके समय और तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। डॉ. संतोष कुमार सिंह ने तुलसी को भक्ति काव्य का सर्वोच्च शिखर बताया। अध्यक्षीय संबोधन प्रो. डॉ. श्रीकांत पांडेय ने कहा कि तुलसी का मूल्यांकन उनके समग्र साहित्य के आधार पर होना चाहिए। यह भी पढ़ें- Prayagraj News: हिंदी भक्ति काव्य परंपरा में तुलसी का योगदान अद्वितीय उन्होंने अपने...
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