वाराणसी, मार्च 26 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। सुबह ए बनारस आनंद कानन के नव प्रकल्प के रूप में मातृशक्तियों को समर्पित काव्य गंगा की प्रथम कड़ी मंगलवार को अस्सी घाट पर आयोजित हुई। इस सत्र में काशी की वरिष्ठ और उदीयमान कवयित्रियों ने काव्यपाठ किया।वरिष्ठ कवयित्री बीना त्रिपाठी ने 'हे माता दुर्गे भवानी तेरी पूजा करे भक्त माला जपे तेरी आराधना करते ज्ञानी' और 'जग की सौन्दर्य है स्त्री' रचना के माध्यम से शक्ति और नारी की महिमा का गान किया। मंचासीन अन्य वरिष्ठ रचनाकार डॉ. अलका दूबे ने 'उठो सुता महान! लो संकल्प का वितान,समय की पुकार है, तुम आज स्वर दो' और नारी की महत्ता को समर्पित रचना का पाठ किया। युवा कवयित्री अनु मिश्रा ने 'जगदंबा का आविर्भाव' और 'काशी की महिमा' शीर्षक वाली रचनाओं के माध्यम से विविध बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उदीयमान कवयित्रि शा...