बेगुसराय, जुलाई 5 -- मंझौल। एक संवाददाता मौसम की प्रतिकूलता एवं मजदूरों के अभाव के चलते कावर क्षेत्र में धान की खेती समाप्त होती जा रही है। परंपरागत धान के बीज विलुप्ति के कगार पर पहुंचते जा रहे हैं। हाइब्रिड प्रजाति के धान की खेती अल्प मात्रा में होती है। पिछले वर्ष धान की फसल को कटाने एवं दौनी में किसानों की काफी दुर्दशा हुई। 15 दिन से एक माह तक थ्रेसर के अभाव में धान की कटी फसल खेतों में रखी रह गई। यह भी पढ़ें- Gangapar News: पानी के अभाव में पाठा के 50 फीसदी किसान नहीं तैयार कर सके धान की नर्सरी

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