लखनऊ, जून 7 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन से उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां वापस करके बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए कर्मचारियों का सहयोग लेने की मांग की है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि कॉरपोरेशन न तो स्थापित नियमावली का पालन कर रहा है और न ही मंत्री के निर्देशों का पालन कर रहा है।उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के निर्देशों के बावजूद अकारण निकाले गए 25 हजार संविदा कर्मचारियों को अब तक वापस सेवा में नहीं लिया गया। इसका सीधा दुष्प्रभाव बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है। उपभोक्ता परेशान हैं। पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का विरोध कर रहे अभियंताओं में से कई को निलंबित किया गया, स्थानांतरित किया गया और उनका वेतन रोका गया...