अल्मोड़ा, नवम्बर 7 -- उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष के अवसर पर बीटीकेआईटी में शुक्रवार को बौद्धिक संपदा अधिकार पर कार्यशाला हुई। इसमें छात्र-छात्राओं को पेटेंट को लेकर जानकारी दी गई। पेटेंटिंग की जटिलताओं से भी अवगत कराया। बीटीकेआईटी में हुई कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों और शोधार्थियों को बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व व तकनीकी आविष्कारों को कानूनी संरक्षण प्रदान करने की प्रक्रिया से परिचित कराना था। कार्यशाला में कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में बायोटेक्नोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. वीना पांडे ने बताया कि एक विचार को पेटेंट योग्य संपत्ति में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है। आविष्कार की नवीनता, उपयोगिता और औद्योगिक अनुप्रयोग के आधार पर किन चीजों को पेटेंट कराया जा सकता है और किन्हें नहीं कराया जा सकता है। निदेशक डॉ संतोषकुमार हम्पन्नावर ने छात्रों को...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.