फतेहपुर, मार्च 11 -- फतेहपुर। सीवरेज परियोजना के टेंडर में बरती गई अनियमितताएं और टेक्निकल व फाइनेंसियल बिट को नजरअंदाज करना दोनों एक्सईएन को भारी पड़ा। आईटमवार कार्यो की लागत नहीं अंकित किए जाने पर अफसरों व कार्यदायी संस्था आपस में भिड़ गए। विवाद बढ़ने पर संस्था ने उच्च अधिकारियों से मामले की शिकायत की। जिसकी जांच में दोनों अफसर दोषी पाए गए। अमृत योजना 2.0 के तहत करीब सात सौ करोड़ रुपये से शहर के सभी वार्डों में सीवरेज के काम को मंजूरी मिली थी। साथ ही करीब 49 करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिए गए। पहले तो टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी,लेकिन जब टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई और गाजियाबाद की कंपनी को काम मिला तो वित्तिय अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आ गया। आईटमवार कार्यो की लागत अंकित नहीं किए जाने से अफसरों व काम लेने वाली संस्था ईएमएस गाजिय...