हल्द्वानी, नवम्बर 4 -- हल्द्वानी, संवाददाता। सनातन धर्म में आध्यात्मिक रूप से अत्यंत पवित्र माना जाने वाला कार्तिक माह की पूर्णिमा 5 नवंबर को यानी आज मनाई जाएगी। इस तिथि को देव दीपोत्सव, त्रिपुरारी पूनम और गुरु नानक देव जयंती जैसे कई नामों से भी जाना जाता है। ज्योतिष अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, इस पूर्णिमा पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा पाठ करने से भक्तों को अक्षय फल की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सभी देवी-देवता काशी के गंगा घाट पर आकर दीपोत्सव मनाते हैं और पृथ्वी वासियों को आशीर्वाद देते हैं। चूँकि पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर की रात 10:36 बजे से शुरू होकर 5 नवंबर की शाम 6:49 बजे तक रहेगी, इसलिए उदया तिथि के अनुसार स्नान-दान 5 नवंबर को करना उत्तम होगा। यदि कोई तीर्थ स्थल पर नहीं जा सकता, तो घर पर ही गंगाजल...