लखनऊ, अप्रैल 9 -- अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा ने वैश्विक व्यापारिक जगत में छाई अनिश्चितता के बादलों को हटाकर नई उम्मीद जगा दी है। पिछले 40 दिनों से जारी भीषण तनाव, जिसने अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की कमर तोड़ दी थी और खाड़ी देशों से होने वाले आयात-निर्यात को पूरी तरह प्रभावित किया था, अब उसके थमने के आसार नजर आ रहे हैं। इस शांति पहल का राजधानी के प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक सीजफायर का सीधा सकारात्मक असर भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेषकर रसद (लॉजिस्टिक्स) और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ेगा। कच्चे तेल की कीमतों में संभावित स्थिरता से न केवल माल ढुलाई के दाम घटेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की उपलब्धता भी सुगम होगी। यह कदम बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने और बाजार में दोबारा विश्वास पैदा क...