लखीमपुरखीरी, मार्च 24 -- ईरान और इजराइल व अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बाद सात मार्च से गैस रिफिलिंग के नियमों में बदलाव से आम और खास सभी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। गैस एजेंसियों लोगों की भीड़ बढ़ रही है। व्यावसायिक रिफिल न मिलने से मिठाई की दुकानों और होटलों का व्यापार चौपट होने की कगार पर पहुंच चुका है। वे तमाम प्रकार की मिठाइयां और व्यंजन बनाने बंद कर चुके हैं। कारोबारियों की उम्मीदें खत्म हो रही हैं कि अब कमर्शियल गैस के सिलेंडर मिल भी सकेंगे या नहीं। इस वजह से अब उन्होंने गैस की जगह कोयला भट्टी का इस्तेमाल करने लगे। कबाड़ से फिर निकल आई लकड़ी वाली भट्ठीभले गांव और कस्बों के लोगों को अफसर और सरकार रोज दिलासा दे रहे हैं लेकिन उनके मन में अंदर तक रसोई गैस की किल्लत की आशंका घर कर गई है। तमाम लोग तो दिन भर गैस एजेंसिंयों पर बैठने के बाद ...