बांदा, जून 17 -- बांदा। मंडल कारागार बांदा की चिकित्सकीय व्यवस्था उधार के भरोसे हैं। जेल का अपना कोई डॉक्टर नहीं है। स्वास्थ्य विभाग से तीन डॉक्टरों को जिला कारागार से संबद्ध किया गया है। इतना ही नहीं, जेल में जांच की व्यवस्था न होने से बंदियों को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा जाता है। इससे बंदियों के साथ जेल प्रशासन को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिला कारागार में 567 बंदी रखने की क्षमता है, लेकिन इस समय यहां 741 बंदी हैं। जेल के बंदियों की चिकित्सा का जिम्मा तीन डॉक्टरों पर है। इनमें भी एक डॉक्टर खुद बीमार हैं। उनकी डायलिसिस होती है। जो कि सीएमओ कार्यालय की ओर से संबद्ध हैं। कारागार के पास सिर्फ एक फार्मासिस्ट है। जिला कारागार में पैथालाजी की भी व्यवस्था नहीं है। जबकि इससे कम क्षमता की प्रदेश की कई जेलों में पैथालाजी की व्यवस्था है...