सहरसा, मई 26 -- सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। सूबे का पहला मॉडल हॉस्पिटल और कायाकल्प पुरस्कार प्राप्त सदर अस्पताल इन दिनों अपनी बदहाल व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस का एक वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। प्रभारी अधीक्षक डॉ. एसएस मेहता ने वायरल वीडियो को फर्जी बताया, जबकि सिविल सर्जन डॉ राज नारायण प्रसाद ने वीडियो को सही मानते हुए संबंधित कर्मियों को सख्त हिदायत देने की बात कही। सिविल सर्जन ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस में रखे सभी बिशरा पुराने हैं और उन्हें हटाने के लिए पूर्व में भी पुलिस प्रशासन को पत्र भेजा गया था। यह भी पढ़ें- पूर्णिया प्रमंडल में बॉयो मेडिकल वेस्ट का सही से नहीं हो रहा निस्तारण अब दोबारा पत्राचार किया जा रहा है।

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