हजारीबाग, फरवरी 18 -- हजारीबाग जिला प्रतिनिधि। जिले के 72 सरकारी प्लस टू स्कूलों में विज्ञान शिक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। भौतिकी, रसायनशास्त्र और जीवविज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई तो हो रही है, किंतु प्रयोगशालाओं की कमी के कारण छात्र केवल किताबों तक सीमित रह जा रहे हैं। कामचलाऊ व्यवस्था के तहत संचालित प्रयोगशाला में प्रयोग कैसे होता होगा। इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। सवाल उठता है कि बिना प्रयोग के बच्चे विज्ञान कैसे सीखेंगे और भविष्य में वैज्ञानिक कैसे बनेंगे। जिले के सरकारी प्लस टू स्कूलों में भौतिकी, रसायनशास्त्र और जीवविज्ञान के लिए प्रयोगशाला का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें 26 प्लस टू स्कूल शामिल है। वर्ष 2025-26 में 21 स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण कार्य शुरू होगा।

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