प्रयागराज, अप्रैल 6 -- हनुमानगंज, हिन्दुस्तान संवाद। गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने सोमवार को शिवगंगा आश्रम झूंसी में राष्ट्र धर्म और अध्यात्म पर मार्गदर्शन करते हुए छात्रों को अध्ययन के समय चित्त एकाग्र करने की सीख दी। उन्होंने श्रद्धालुओं के पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि ईश्वर की आराधना धन, संपदा मांगने के लिए न करें अपितु काम, क्रोध, लोभ, मोह पर विजय प्राप्त करने के लिए करना चाहिए क्योंकि इनसे विरक्त होने पर असीम आनंद की अनुभूति स्वत: होने लगती है।शंकराचार्य ने कहा गोवंश की रक्षा तो होनी ही चाहिए। वैसे मनुष्य को किसी भी जीव की हिंसा से बचना चाहिए। जीवों को वध करने वाला व्यक्ति पाप का भागीदार होता है और उसका चित्त भी अशांत रहता है। उन्होंने कहा मन अशांत होने पर मनुष्य धीरे-धीरे तमाम व्याधियों से घिर जाता...