नई दिल्ली, अगस्त 30 -- भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर या प्रतिमा देखते ही बांसुरी, पीतांबर और मोर पंख सबसे पहले नजर आते हैं। कई लोग सोचते हैं कि मोर पंख केवल सुंदरता के लिए चुना गया होगा। सनातन परंपरा में हर प्रतीक का अपना अर्थ माना गया है। कान्हा के मुकुट में सजा मोर पंख आभूषण से बढ़कर जीवन की कई सीख देता है। जन्माष्टमी हो या रोज की पूजा, मोर पंख को भक्त शुभता और सकारात्मक भाव से जोड़कर देखते हैं।मोर पंख केवल शृंगार नहीं श्रीकृष्ण के मुकुट का मोर पंख विनम्रता, प्रेम और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। मोर का रूप आकर्षक होता है, फिर भी उसमें अहंकार नहीं दिखाया जाता। यही भाव इंसान को याद दिलाता है कि सफलता कितनी भी बड़ी हो, नम्रता नहीं छोड़नी चाहिए। शास्त्रों में कृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा और संतुलन से जोड़ा गया है। मोर पंख इन्हीं गुणों का चिह्...