प्रयागराज, फरवरी 20 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि सामाजिक सौहार्द व कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए स्थानीय प्रशासन के आदेश का पालन करना हर नागरिक के लिए जरूरी है। किसी को प्रतिबंधित क्षेत्र में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती। हालांकि कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित स्थान पर जबरन नमाज पढ़ने के लिए अजीम अहमद खान उर्फ अबीम अहमद और मिर्जा इल्तिफातुर रहमान बेग उर्फ इल्तिफातुर रहमान के खिलाफ चल रही आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही रद्द कर दी है। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने इन युवाओं को भविष्य में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और विशिष्ट प्रतिबंधों का पालन करने की चेतावनी भी दी। स्पष्ट किया कि राहत केवल याचियों को दी गई है, अन्य किसी अभियुक्त को इसका लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्...