नई दिल्ली, जनवरी 7 -- मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले पर सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अमीर कानून को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत लोग केस दर्ज होने के बाद उस कानून को चुनौती देने के लिए अदालत का रुख करते हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने इस बढ़ते 'ट्रेंड' पर चिंता भी जाहिर की है। शीर्ष न्यायालय में सीजेआई कांत और जस्टिस जॉयमाला की बेंच सुनवाई कर रही थी। दिल्ली के वकील गौतम खैतान की तरफ से याचिका दाखिल की गई थी, जिनके खिलाफ अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील मामले में केस दर्ज हुआ है। उनकी तरफ से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा कोर्ट पहुंचे थे। खैतान ने PMLA यानी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के कुछ प्रावधानों की वैधता को चुनौती दी है। इसपर सीजेआई ने कहा, 'यह बहुत ही दुर्लभ ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.