कानपुर, अक्टूबर 2 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। कानपुर में फरवरी से क्रोमियम-मर्करी की जांच पर ताला लग गया है। जबकि, जाजमऊ से लेकर पनकी तक आठ इलाकों में 1000 से अधिक रहवासियों के खून में क्रोमियम-मर्करी और लेड बहुत अधिक मात्रा में पाया गया है। जितनी ज्यादा जांच हो रही थी, उतने ही ज्यादा केस सामने आ रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि अचानक से स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड सैंपल कैंप लगाने बंद कर दिए। लिहाजा, क्रोमियम-मर्करी और लेड से पीड़ितों के नए केस आना बंद हो गए। इस तरह क्रोमियम-मर्करी के खतरे की चर्चाओं पर भी विराम लग गया। चमड़ा फैक्ट्री की टेनिरयों में क्रोमियम-मर्करी जैसे खतरनाक केमिकल का प्रयोग होता है। चूंकि, टेनरियां का जहरीला दूषित पानी का शोधन नहीं हो पा रहा है। इसके शोधन के लिए करीब 900 करोड़ रुपये से बना जटेटा का प्लांट धोखा साबित हो र...