प्रमुख संवाददाता, सितम्बर 18 -- दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों थाइलैंड, कंबोडिया वियतनाम और पूर्वोत्तर भारत में पाई जाने वाली आनुवांशिक बीमारी एचबीई (हीमोग्लोबिन ई) ने कानपुर में भी दस्तक दे रखी है। खासकर गर्भवती महिलाओं में एचबीई के मामले ज्यादा पाए गए हैं। इसका खुलासा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की एक अध्ययन रिपोर्ट में हुआ है, जिसमें पाया गया कि एचबीई बीमारी से ग्रस्त मरीज यदि बीटा थैलेसीमिया से भी पीड़ित है, तो उसके शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी) तेजी से टूटने लगती हैं, जिससे शरीर में खून की कमी हो जाती है। कई बार तो नियमित खून चढ़वाने की नौबत आ जाती है। खून की कमी को एनीमिया समझने की गलती खतरनाक साबित हो सकती है। हीमोग्लोबिन के मरीजों की जांच में आनुवांशिक बीमारी हीमोग्लोबिन (एचबी) ई वैरिएंट की पहचान पैथोलॉजी विभाग के अध्ययन में हुई है। 8...