प्रमुख संवाददाता, मार्च 13 -- LPG Crisis: रसोई गैस की किल्लत अब घरों और बाजार से निकलकर अस्पताल तक पहुंच गई। प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों की मेस और कैंटीन भी इस संकट की चपेट में आ गई। कानपुर के उर्सला, हैलट और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में संचालित मेस संचालकों के सामने गैस सिलेंडर की कमी बड़ी चिंता बनती जा रही है। कई कैंटीन संचालकों के पास कमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। किसी के पास महज एक दिन की गैस बची है तो कुछ संचालकों के पास चार से पांच दिन तक का ही इंतजाम है। इसके बाद भोजन व्यवस्था कैसे चलेगी, इसे लेकर संचालकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रोजाना हजारों मरीज, तीमारदार और मेडिकल छात्र भोजन के लिए कैंटीन और मेस पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में गैस खत्म होने की स्थिति सीधे तौर पर उनकी दैनिक जरूरतों को प्रभावित कर सकत...