कानपुर, जून 24 -- खारे पानी को पेयजल में बदलने की तकनीक पर होगा संयुक्त शोध कानपुर की लैब डीएमएसआरडीई व चेन्नई की एनआईओटी के बीच करार पिछले साल डीएमएसआरडीई ने तटरक्षक बल के लिए विकसित की थी तकनीक

खारे पानी को मीठा बनाने वाली पॉलीमेरिक मेंब्रेन तकनीक पर होगा संयुक्त शोध 32 हजार टीडीएस को 350 पर लाती है यह तकनीक, जर्मनी पर निर्भरता कम होगी कानपुर। समुद्री जल को सस्ती और स्वदेशी तकनीक से पेयजल में बदलने की दिशा में कानपुर की रक्षा प्रयोगशाला डीएमएसआरडीई (डिफेंस मैटेरियल्स एंड स्टोर्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट) बड़ी भूमिका निभाने जा रही है। डीआरडीओ की इस प्रयोगशाला और चेन्नई स्थित एनआईओटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी) के बीच उच्च दबाव वाली पॉलीमेरिक मेंब्रेन तकनीक पर संयुक्त अनुसंधान के लिए एमओयू हुआ है। इसका उद्देश्य समुद्...