नई दिल्ली, अगस्त 13 -- काजू कतली पर चमचमाता वर्क देखकर शायद ही कोई सोचे कि इसकी वजह से किसी मिठाई दुकानदार को तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। गुजरात में ऐसा ही एक मामला सामने आया। काजू कतली पर चांदी की जगह एल्युमिनियम फॉइल मिलने के बाद मिठाई दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और निचली अदालत ने उसे तीन साल जेल की सजा सुना दी। करीब तीन दशक तक चले इस कानूनी विवाद में आखिरकार गुजरात हाई कोर्ट से दुकानदार को राहत मिली। दिलचस्प बात यह है कि दोनों लैब की जांच में एल्युमिनियम फॉइल मिलने के बावजूद दुकानदार केस जीत गया।1995 में शुरू हुआ था पूरा मामला मामला 9 मार्च 1995 का है। फूड इंस्पेक्टर ने गुजरात के सूरत जिले के व्यारा में भानुभाई की मिठाई की दुकान से 96 रुपये की काजू कतली खरीदी। इसका सैंपल जांच के लिए भुज के पब्लिक एनालिस्ट के पास भेजा गया। जा...