विशेष संवाददाता, जुलाई 11 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की उस गंभीर प्रशासनिक और कानूनी चूक पर सख्त रुख अपनाया है, जिसमें परिषद दिल्ली हाईकोर्ट में अपने ही फैसले का बचाव करने के लिए उपस्थित नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार, मंत्री ने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामला उस निर्णय से जुड़ा है, जिसमें एनसीईआरटी ने पाठ्यपुस्तकों के उत्पादन में देरी के आरोप में बाफना ग्लोबल वेंचर प्राइवेट लिमिटेड को 22 जून को दो वर्षों के लिए अपनी खरीद प्रक्रिया से प्रतिबंधित कर दिया था। कंपनी ने 24 जून को इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।कंपनी को सजा से अंतरिम राहत मिल गई सुनवाई के दौरान एनसीईआरटी की ओर से कोई प्रतिनिधि ...