कागजों में साफ, हकीकत में गंदगी से चोक नाले बनेंगे जलभराव की वजह
रामपुर, जून 13 -- रामपुर। मानसून की दस्तक से पूर्व ही आसमान में काले बादलों का डेरा शुरू हो गया है, लेकिन रामपुर शहर को जलभराव की विभीषिका से बचाने के दावे इस बार भी हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। मानसून सिर पर है और नगर पालिका प्रशासन अब तक नालों की मुकम्मल तली-झाड़ सफाई नहीं करा सका है। स्थिति यह है कि शहर के अधिकांश बड़े और छोटे नाले गाद और प्लास्टिक कचरे से चोक पड़े हैं। यदि तेज बारिश हुई, तो पूरे शहर का टापू बनना तय है। रामपुर नगर पालिका परिषद के अंतर्गत कुल 43 वार्ड आते हैं। इन वार्डों में जल निकासी के लिए करीब 220 छोटे-बड़े नाले हैं। नियमत: मानसून आने से कम से कम एक महीना पहले इन सभी नालों की तली-झाड़ सफाई हो जानी चाहिए थी, ताकि बारिश का पानी आसानी से शहर से बाहर निकल सके। लेकिन इस बार पालिका प्रशासन बेहद सुस्त नजर आ रहा है。
नालों की सफाई...
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