कागजों में कैद 'संरक्षण', सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे सांड़
उन्नाव, मई 9 -- कृष्ण कुमार मिश्र, उन्नाव। पशुपालन विभाग के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। विभाग कहता है कि जिले की 304 गोशालाओं में 10,533 सांड़ संरक्षित हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि शहर से लेकर गांव तक की सड़कों पर आवारा सांड़ खुलेआम घूम रहे हैं। आएदिन ये सांड़ राहगीरों, बुजुर्गों, महिलाओं और बाइक सवारों पर हमला कर रहे हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जबकि कई की जान जा चुकी है।विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जनपद में गोवंश संरक्षण के लिए कुल 304 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें 10 स्थाई, 273 अस्थाई, नौ कान्हा गोशाला, दो कांजी हाउस और 10 नगर निकायों की गोशालाएं शामिल हैं। इन गोशालाओं में कुल 35,110 गोवंश संरक्षित होने का दावा किया गया है, जिनमें 24,570 गाय और 10,533 सांड बताए गए हैं। लेकिन धरातल प...
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