रांची, जुलाई 21 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि वैवाहिक संबंध समाप्त होने के बाद भी आर्थिक रूप से आश्रित पत्नी को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए उचित स्थायी गुजारा भत्ता मिलना चाहिए। इसी सिद्धांत को आधार बनाते हुए अदालत ने एसएसबी के एक कांस्टेबल को अपनी पहली पत्नी को 30 लाख रुपये एकमुश्त स्थायी गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। राशि का भुगतान 12 महीने में चार समान किस्तों में करना होगा और पहली किस्त दो महीने के भीतर देनी होगी। यह आदेश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने लातेहार फैमिली कोर्ट के तलाक के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई के दौरान दिया। पति ने पहले ही दूसरी शादी कर ली है, इसलिए दोनों के साथ रहने की संभावना समाप्त हो चुकी है। ऐसे में अदालत ने विवाद को केवल स्थायी गुजारा भत्ते तक सीमित ...