बागपत, जुलाई 31 -- बागपत। सावन के पवित्र महीने में लाखों श्रद्धालु (कांवड़िया) हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर सैकड़ों किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हैं। कंधे पर कांवड़ का भार, भीषण उमस और लंबी दूरी की यह यात्रा केवल एक धार्मिक और आध्यात्मिक साधना ही नहीं है, बल्कि यह मानव शरीर की सहनशक्ति और शारीरिक क्षमता की भी सबसे बड़ी परीक्षा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान एक कांवड़िया सामान्य व्यक्ति की तुलना में कई गुना अधिक कैलोरी खर्च करता है। --- यह भी पढ़ें- Hapur News: कांवड़ यात्रा से भरेंगी व्यापारियों की झोली, 40 करोड़ पहुंचेगा कारोबारकांवड़ यात्रा के दौरान कितनी बर्न होती है कैलोरी? जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अनुराग वाष्र्णेय ने बताया कि सामान्य पैदल चलने की तुलना में कांवड़ उठाकर चलना कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होता ...