बांका, अगस्त 20 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। सनातन धर्म के महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक अध्यात्म का हिस्सा है कांवर यात्रा। श्रावण के महीने में सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 108 किलोमीटर के विस्तार में लचकती-मचलती गंगा असंख्य शिवभक्तों के कांधे पर सवार होकर देवाधिदेव महादेव पर अर्पित होने के लिए देवघर की ओर निरंतर बढ़ रही है। यह दृश्य ऐसा है, जैसे मानों सावन में दो-दो गंगा बह रही हो। एक कांवरों में सवार होकर देवघर की ओर और दूसरी अविरल बहती हुई बंगाल की खाड़ी की ओर। ऐसा चमत्कार तो सिर्फ भगवान भोले शंकर ही कर सकते हैं। यह भी पढ़ें- मौसम का नरम रुख, कांवरियों में भर रही है नई ऊर्जाश्रद्धालुओं की भीड़ कांवरिया पथ पर कोई छोटा-बड़ा नहीं, सिर्फ बम है-बड़ा बम, छोटा बम, मोटा बम, माता बम। न अमीर-न गरीब, न ऊंच-नीच, बस बम शंकर के भक्त बम, बोल...