प्रयागराज, मार्च 26 -- प्रयागराज। 25 फरवरी को 13 वर्षीय शिवम जब पिता सनोज उर्फ बिल्लर चौधरी के साथ फाफामऊ स्थित कोल्ड स्टोर में कार्य करने के लिए घर से रवाना हुआ था, तब उसे पता नहीं था कि 28 दिनों के बाद सिर से पिता का साया उठ जाएगा। यहां तक कि जिस हाथ से रोटी बनाकर पिता को खिलाता था, उसी हाथ से मुखाग्नि देनी होगी। कांपते हाथों से मां मुन्नी देवी के आंसुओं को पोंछना होगा और छोटे भाई आयुष और बहन ज्योति का छोटी उम्र में सहारा बनना होगा। बुधवार को सनोज उर्फ बिल्लर चौधरी का सलखुआ सहरसा के गौरा पिपरा में कोसी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार का फोटो व वीडियो जब एसआरएन अस्पताल में भर्ती घायल साथियों ने देखा आंखें नम हो गयीं। पिता को मुखाग्नि देने के लिए मंगलवार को एसआरएन अस्पताल में भर्ती शिवम पिता के शव को लेकर गांव गया था। पिता की...
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