सीतामढ़ी, मार्च 25 -- सीतामढ़ी। सहोरवा गांव मंगलवार को एक ऐसे दर्द का गवाह बना, जिसने हर आंख को नम और हर दिल को भारी कर दिया। 11 वर्षीय स्मृति कुमारी की अंतिम विदाई में गम का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा गांव सिसक उठा। सबसे मार्मिक दृश्य तब दिखा, जब दादा देवनंदन राय कांपते हाथों से अपनी पोती को मुखाग्नि दे रहे थे। जिन हाथों ने उसे दुलारा था, वही हाथ आज अंतिम विदाई दे रहे थे। यह दृश्य वहां मौजूद हर शख्स को भीतर तक झकझोर गया। वहीं दूसरी ओर, नौ माह की गर्भवती मां असलानी देवी की चीखें पूरे माहौल को चीर रही थीं। 'हमर स्मृति के लौटा दऽ.' उनकी यह करुण पुकार घाट से लेकर गांव तक गूंजती रही। बार-बार बेसुध होती मां अपनी बेटी को पुकारती रही और वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। परिवार के लिए यह आघात और भी गहरा है। स्मृति चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी...