आदित्यपुर, जुलाई 20 -- गम्हरिया। आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से आनंद मार्ग स्कूल, कांड्रा में आयोजित द्वितीय चरण का प्रथम संभागीय तीन दिवसीय सेमिनार रविवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत श्री श्री आनंदमूर्ति की प्रतिकृति पर माल्यार्पण से हुई। अंतिम दिन मुख्य प्रशिक्षक आचार्य नभातीतानंद अवधूत ने भक्ति रूप सेतु नामक विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि भक्ति जीव और शिव के बीच का सेतु है, जिसके माध्यम से मनुष्य परम सत्य तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान और कर्म साधक को भक्ति तक पहुंचाने वाले साधन हैं, जबकि भक्ति साधना नहीं बल्कि उसकी अनुभूति और परिणाम है। उन्होंने कहा कि परमात्मा सर्वव्यापी है और प्रत्येक जीव में विद्यमान है। सेमिनार में तंत्र साधना, कुंडलिनी जागरण और शिव के वास्तविक स्वरूप पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।

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