लखनऊ, अप्रैल 18 -- डॉ. राजेश्वर सिंह ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक के विरोध पर कांग्रेस-नेतृत्व वाले विपक्ष की आलोचना की। यह विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत विधानमंडलों में महिलाओं को 33% आरक्षण के क्रियान्वयन को तेज करने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि यह सुधार लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करता है, जबकि विपक्ष का विरोध देरी की मानसिकता को दर्शाता है। इस प्रकार का विरोध महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रश्न खड़े करता है और समावेशी शासन को प्रभावित कर सकता है। डॉ. सिंह ने जोर दिया कि देश की प्रगति के लिए महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। यह भी पढ़ें- महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में गिरा यह भी पढ़ें- महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोक...