मुंबई, मार्च 5 -- बॉम्बे हाई कोर्ट ने रमजान के दौरान शहर के हवाई अड्डे के पास अब ढहाये जा चुके एक अस्थायी शेड में नमाज पढ़ने की इजाजत मांग रहे टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों को कोई राहत देने से इनकार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सुरक्षा धर्म से ऊपर है। जस्टिस बीपी कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की पीठ ने कहा कि रमजान इस्लाम का जरूरी हिस्सा है, लेकिन इसे मानने वाले किसी भी जगह, खासकर हवाई अड्डे के आस-पास, जहां सुरक्षा को लेकर उच्च स्तर की चिंता है, नमाज पढ़ने का धार्मिक अधिकार होने का दावा नहीं कर सकते। हवाई अड्डा सुरक्षा के पहलू पर बार-बार जोर देते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि वह सावधानी को नजरअंदाज नहीं करेगा। अदालत टैक्सी-रिक्शा ओला-उबर मेन्स यूनियन की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरर...