प्रमुख संवाददाता, अगस्त 8 -- क्या दूध में डिटर्जेंट मिला है? हल्दी और लाल मिर्च में कृत्रिम रंग तो नहीं मिला, काली मिर्च में या चांदी के वर्क में मिलावट तो नहीं है? ऐसे कई सवालों के जवाब अब तक प्रयोगशाला में मिलते थे, लेकिन अब इनकी पहचान खुद भी कर सकेंगे। शुक्रवार को कानपुर के मोतीझील क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल प्रयोगशाला ने लाइव प्रदर्शन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि अगर पानी में लौंग तैरे और शहद फैलने लगे तो समझो नकली है। इसी तरह, कई अन्य खाद्य सामग्री को पहचानने के तरीके बताए गए। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये परीक्षण केवल प्रारंभिक पहचान के लिए हैं। संदिग्ध नमूने की अंतिम पुष्टि विभागीय प्रयोगशाला में वैज्ञानिक जांच के बाद ही संभव है। कानपुर के जिलाध...