फतेहपुर, दिसम्बर 7 -- फतेहपुर। ग्रामीणांचल में मरीजों को राहत दिलाने के लिये सभी पीएचसी में सालों से हर रविवार को लगने वाला आरोग्य मेला समय के साथ सिर्फ खाना पूर्ति बन गया है। न तो मेले का प्रचार प्रसार है और न ही पीएचसी में मेला जैसा कुछ किया जाता है। यहां तक की अब तो मेले का बैनर भी नहीं टांगा जाता है। रविवार को मेले की पड़ताल के दौरान हैरान करने वाला नजारा दिखा कहीं डाक्टर नहीं पहुंचे तो कहीं मरीजों का डाक्टर और स्टाफ इंतजार करता रहा। पेश है एक रिपोर्ट.... बकेवर। यहां के हालात स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त लापरवाही, मनमानी की हकीकत बयां करने के लिये काफी थे। सुबह 11 बजे तक यहां डाक्टर नहीं आई थी। चार-पांच मरीज थे जो डाक्टर का इंतजार कर रहे थे। फार्मासिस्ट भी नदारद थे। अस्पताल में स्टाफ के नाम पर एक एएनएम मौजूद मिलीं। आस पास के ग्रामीणों ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.