कन्नौज, मार्च 16 -- छिबरामऊ, संवाददाता। सरकारी अस्पतालों में बिजली फीटिंग का कोई पुरसाहाल नहीं है। वर्षों पुरानी बिजली फिटिंग की अब हालत यह है कि कहीं तार झूल रहे हैं, तो कहीं बोर्ड उखड़ गए हैं। स्थानीय स्तर पर इनकी मरम्मत व उन्हें दुरूस्त कराने का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे कभी भी शार्ट सर्किट जैसे बड़े हादसे होने की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। अभी सोमवार की सुबह कटक के एक अस्पताल में शार्टसर्किट से ही आग लगने के कारण 10 लोगों की मौत हो गई है। नगर के दिलू नगला गांव स्थित सौ शैय्या अस्पताल की बिल्डिंग भले ही बहुत शानदार बनी हो, लेकिन अनदेखी के चलते यहां का हाल बहुत बेहाल है। इस अस्पताल की हालत इतनी खराब है कि यहां इमरजेंसी बार्ड में रखे वाटर कूलर के पास नियमित सफाई न होने के चलते दो लोगों पिछले दिनों घायल हो चुके हैं। इसके अ...