विजय वर्मा लखनऊ, मार्च 24 -- Lucknow News: शहर को स्मार्ट व व्यवस्थित बनाने के दावे करने वाले लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के मास्टर प्लान 2016 की हकीकत अब परत-दर-परत खुल रही है। कागजों पर ऐसी सड़कें खींच दी गईं जो या तो नदी में जाकर खत्म हो जा रही है या फिर बसी आबादी के बीच। शासन के निर्देश पर एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में बनी प्रदेश स्तरीय समिति ने समीक्षा शुरू की तो पता चल रहा है कि यह प्लान जमीनी सच्चाई से कोसों दूर है। तत्कालीन अफसरों ने दफ्तरों में बैठकर मास्टर प्लान बनाया था।कालिदास मार्ग नदी के बीचों-बीच जाकर खत्म सबसे चौंकाने वाला मामला मुख्यमंत्री आवास, कालिदास मार्ग के सामने का है। यहां 24 मीटर चौड़ी सड़क को सीधे गोमती नदी में उतार दिया गया। मास्टर प्लान में सड़क नदी के बीच जाकर खत्म हो जाती है। सवाल उठ रहा है ...