सहरसा, मई 8 -- सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। भारतीय ज्ञान परंपरा में मिथिला क्षेत्र की बौद्धिक क्षमता और दार्शनिक चिंतन का विशेष स्थान रहा है। इसी विरासत की जीवंत झलक जिले के कहरा गांव में देखने को मिली, जहां भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ज्ञान भारतम मिशन परियोजना के अंतर्गत दुर्लभ पांडुलिपियों का व्यापक सर्वेक्षण किया गया। जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार के कुशल निर्देशन तथा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने नगर निगम क्षेत्र से सटे कहरा गांव का विशेष निरीक्षण किया。
पंडित रमेश मिश्र के घर मिला दुर्लभ पांडुलिपियों का संग्रह सर्वेक्षण के दौरान कहरा गांव निवासी 73 वर्षीय पंडित रमेश मिश्र के पैतृक आवास पर पीढ़ियों से संरक्षित लगभग 250 अत्यंत प्राचीन और बहुमूल्य पांडुलिपियां मिलीं। इन पांडुलिपियों को देखक...
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