आजमगढ़, मार्च 27 -- आजमगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। वासंतिक नवरात्र के आठवें दिन गुरुवार को आदिशक्ति के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा-अर्चना की गई। लोगों ने अष्टमी का व्रत रखा। शुक्रवार को हवन-पूजन के साथ लोग नौ दिवसीय अनुष्ठान का समापन करेंगे। मान्यता है कि महागौरी अत्यंत शांत, सौम्य और श्वेत वर्ण (गौरा) की हैं। यह पार्वतीजी के कठोर तप के बाद भगवान शिव द्वारा गंगाजल से पवित्र किए जाने का प्रतीक हैं। महागौरी सुख, समृद्धि, अखंड सौभाग्य और भक्तों के पापों का नाश करने वाली मानी जाती हैं। इनकी पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनवांछित फल मिलता है। शहर के मातवरगंज स्थित बड़ादेव दुर्गा मंदिर, रैदोपुर दुर्गा मंदिर, बेलइसा स्थित बऊरहवा बाबा मंदिर, सिधारी स्थित दुर्गा मंदिर, ब्रह्मस्थान स्थित नौ दुर्गा मंदिर, सिधौना स्थित मां सिद्धेश्वरी मंदिर ...