नई दिल्ली, मार्च 9 -- कहते हैं कि अगर हौसलों में जान हो, तो दुनिया की कोई भी अंधेरी रात आपके सपनों का सूरज उगने से नहीं रोक सकती। कश्मीर के बांदीपोरा जिले के एक छोटे से गांव नैदखाई (Naidkhai) के रहने वाले इरफान अहमद लोन ने इस कहावत को अक्षरश: सच कर दिखाया है। इरफान देख नहीं सकते, लेकिन उनके विजन (Vision) और उनकी कामयाबी की चमक ने आज पूरे देश को रोशन कर दिया है। अपनी शारीरिक अक्षमता और गरीबी की जंजीरों को तोड़ते हुए इरफान ने देश की सबसे कठिन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली है और उन्हें 957वीं रैंक हासिल हुई है। जैसे ही यह खबर गांव में पहुंची, मीरपोरा मोहल्ले में जश्न का माहौल बन गया। इरफान के पिता बशीर अहमद सिंचाई विभाग में एक दिहाड़ी मजदूर (Daily wage labourer) हैं। उनका छोटा सा एक मंजिला घर बधाई देने आ रहे लोगों की ...
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