मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 18 -- मुजफ्फरपुर, हिप्र। हिन्दी कविता की महत्वपूर्ण धारा स्वच्छंदतावाद के महत्वपूर्ण कवि ब्रजकिशोर प्रसाद सिंह की रचनात्मक प्रतिभा बहुआयामी थी। वे समाजवादी विचारधारा और चिंतन के साहित्यकार थे। राष्ट्र, समाज, प्रकृति, जीवन, परंपरा और संस्कृति उनके काव्य के मूल भाव और केंद्र हैं। ये बातें साहित्यकार डॉ. संजय पंकज ने कहीं। वे गुरुवार को आमगोला स्थित शुभानंदी में कविवर ब्रजकिशोर प्रसाद सिंह स्मृति पर्व के अवसर पर बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि डॉ. देवव्रत अकेला ने की। उन्होंने कहा कि ब्रजकिशोर बाबू का व्यक्तित्व बड़ा ही आकर्षक था। उनके स्नेह सानिध्य में जिन्हें भी बैठने का अवसर मिला, उन्होंने बहुत कुछ सीखा। डॉ. रामेश्वर द्विवेदी ने कहा कि ब्रजकिशोर बाबू की रचनाओं में बड़ा लोक समाज और उदार प्रकृति है। डॉ. वंद...
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