कानपुर, मार्च 22 -- कानपुर। उत्कर्ष अकादमी के सभागार में कवि पंकज पांडेय के काव्य संकलन अंतर्मन का लोकार्पण नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री साहित्यकार व्योमेश शुक्ला ने किया। अध्यक्षता पीपीएन कॉलेज के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष साहित्यकार डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने की। पंकज पांडेय ने कहा कि उनकी कविताएं फेंटेसी न होकर उनका भोगा हुआ यथार्थ हैं। मानवीय रिश्तों के अन्तर्विरोधों ने उन्हें बहुत प्रभावित किया है जो अंतर्मन में अभिव्यक्त हुए हैं। प्रो. राकेश शुक्ला ने अंतर्मन की काव्य शास्त्रीय दृष्टि से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शांता, उर्मिला, कैकेयी जैसे मिथकीय चरित्रों पर लिखी पंकज की कविताएं अंतर्मन से संवाद में पूर्ण सक्षम हैं। डॉ. प्रदीप दीक्षित ने कहा कि पंकज महसूस करना और महसूस करवाना जानते हैं। यहीं कवि की सार्थकता है। डॉ. लक्ष्मीक...