नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- Mangal nakshatra parivartan 2 September 2026: धरती पुत्र मंगल आर्द्रा नक्षत्र से निकलकर 2 सितंबर 2026, बुधवार को पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेंगे और 24 सितंबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इस तरह से मंगल कुछ दिनों के लिए गुरु के प्रभाव में रहेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में पुनर्वसु नक्षत्र में मंगल का गोचर जातक को विशेष साहस, ऊर्जा और प्रभावशाली व्यक्तित्व प्रदान करता है। मंगल और बृहस्पति (गुरु) के बीच मित्रता का भाव होने के कारण यह गोचर शुभ और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। मंगल के पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करने से कुछ भाग्यशाली राशियों को भूमि, संपत्ति सुख के साथ धन की प्राप्ति और करियर में उपलब्धि या सफलता हासिल हो सकती है।...