गंगापार, फरवरी 2 -- मकर संक्रांति से मलमास तो समाप्त हो गया था लेकिन अभी शहनाइयां नहीं बजी हैं। शुक्र ग्रह के अस्त होने की वजह से जनवरी में कोई लग्न के कोई मुहूर्त नहीं थे। हालांकि 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अबूझ मुहूर्त में तगड़ा सहालग रहा, इस दिन कई ओली भरने की रस्में निभाई गई। ज्योतिष विशेषज्ञ पं उमेश शास्त्री दैवज्ञ ने बताया कि शुक्र ग्रह उदित होने के बाद आगामी 4 फरवरी को सीजन का पहला सहालग होगा। आमतौर पर मकर संक्रांति के बाद शादी विवाह की शुरुआत हो जाती है। वहीं जिन परिवारों में फरवरी माह में शादियां हैं। विवाह के लिए सही मुहूर्त का चयन करना बहुत अहम है, क्योंकि यह जीवन भर के रिश्ते की शुरुआत होती है। ज्योतिष विशेषज्ञ पं उमेश शास्त्री दैवज्ञ के अनुसार 2026 में कई विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ खास समय होते हैं जब शादी का मुहूर्त ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.