प्रयागराज, नवम्बर 15 -- स्वराज विद्यापीठ एवं समानांतर इलाहाबाद की ओर से आयोजित 10 दिवसीय एडवांस थिएटर कार्यशाला में प्रतिभागियों को रंगमंच और फोटोग्राफी की बारीकियां बताई गईं। वरिष्ठ छायाकार एसके यादव ने कहा कि जब आप किसी अदृश्य वस्तु के बारे में सोच रहे होते हैं, उसकी तस्वीर आपकी कल्पनाओं को विराम देती हैं। जब आप किसी मंचित हो रहे नाटक की तस्वीरें ले रहे होते हैं तो आपको चित्र, प्रमुख दृश्यों के चित्र, विशेष क्षण और पीक एक्शन को ध्यान में रखकर फोटोग्राफी करनी होती है। उसका दस्तावेजीकरण करना होता है। एक सजग और सतर्क रंगमंच फोटोग्राफर की यह जिम्मेदारी होती है कि नाटक के दौरान कलाकार और दर्शक के बीच अपनी उपस्थिति न दर्ज करे। कार्यशाला के निर्देशक अनिल रंजन भौमिक ने रंगमंच में योगदान पर प्रकाश डाला। रामेंद्र कुशवाहा, रेणुका कुशवाहा, अरूप मित...
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