इटावा औरैया, जून 8 -- महेवा। श्रीसिद्धनाथ मंदिर परिसर में चल रही श्री मद्भागवत कथा के दूसरे दिन पिलुआ महंत हरभजन दास महाराज ने राजा परिक्षित के जन्म की कथा सुनाई। कथा व्यास ने बताया अन्याय के द्वारा कमाए हुए धन में कलियुग बास करता है और न्याय नीति परिश्रम से कमाए हुए धन में स्वर्ण में भगवान बस करते है परिक्षित जी के सिर पर जो मुकुट था वो इनके पूवर्जो ने जरासंध को मार कर लाए थे अधर्म का धन था तो कलि ने बुद्धि बिगाड़ दी जिससे महात्मा जी के गले में मरा हुआ सर्प डाल दिया तो श्रृंगी ऋषि ने सात दिन में मरने का शाप दे दिया। तब राजा शुकदेव भगवान की शरण में गए और भागवत कथा का श्रवण किया। भागवत कथा श्रवण से मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। आचार्य ने बताया कलियुग में कथा श्रवण से ही शांति मिलती है। दूसरे दिन की कथा में पहुंचकर क्षेत्रीय विधायक राघवें...