गोरखपुर, जून 15 -- गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के आचार्य एवं पूर्व अध्यक्ष प्रो. राजवंत राव को दोबारा कला संकाय के अधिष्ठाता पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पूर्व अधिष्ठाता प्रो. कीर्ति पांडेय की सेवानिवृत्ति के सापेक्ष वरिष्ठता के अनुसार हुआ है। इससे पहले प्रोफेसर राजवंत राव तब अधिष्ठाता बनाए गए थे, जब प्रो. कीर्ति पांडेय उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की अध्यक्ष नियुक्त हुई थीं। उनके वापस आने पर प्रो. राव ने स्वत पद छोड़ दिया था। बता दें कि अधिष्ठाता की नियुक्ति अवधि तीन वर्ष के लिए होती है। प्रोफेसर राव चार सितंबर, 2024 से 29 सितंबर, 2025 तक अधिष्ठाता के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं। ऐसे में प्रो. राव की अधिष्ठाता के तौर पर शेष अवधि अथवा सेवानिवृत्ति (जो भी ...