कलाकार जब अपने जीवन की अनुभूतियों को अभिव्यक्त करता है, तो उसकी कला का विस्तार होता है: निशंक
हरिद्वार, मार्च 30 -- पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि जब कलाकार अपने जीवन की अनुभूतियों और संवेदनाओं को अभिव्यक्त करता है, तो उसकी कला का विस्तार होता है। समाज भी इससे लाभान्वित होता है। उन्होंने कहा कि कला, संस्कृति और साहित्य में दक्ष व्यक्तियों को इसे समाजहित में साझा करना चाहिए, अन्यथा कला क्षीण हो जाती है। बीएचईएल सेक्टर-2 स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के माधव भवन में गीतकार अरुण कुमार पाठक की संगीतबद्ध गीतों की एलबम 'इन्द्रधनुष' का विमोचन किया गया। भारतीय संस्कृति की संवाहक पत्रिका 'चेतना पथ' के छठे वर्ष का प्रवेशांक भी जारी हुआ। इस दौरान साहित्य, कला और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने 'चेतना पथ' को सराहते हुए कहा कि हरिद्वार और आसपास के क्षेत्र में कला और साहित्य की अपार संभावनाएं...
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