मथुरा, जनवरी 19 -- प्राचीन मंदिर ठाकुर श्री केशव देव जी महाराज में श्रीमद्भागवत पुराण के अंतर्गत व्यास पीठ पर विराजमान महंत राधाकांत महाराज ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया, जिसमें पूतना वध, यशोदा मैया के साथ शरारत, माखन चोरी लीला, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन लीला के प्रसंग सुनाये। महंत राधाकांत ने कहा कि इंद्र का घमंड तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर उठाते हैं तो वह समझ जाता है कि यह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। इंद्रदेव भगवान श्री कृष्ण के चरणों में आ जाते हैं। वे भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करते हैं और सभी मिलकर पर्वत को भी पूजते हैं और ठाकुर जी का छप्पन भोग लगाते हैं। उन्होंने कहा कलयुग में केवल हरि नाम का स्मरण ही कल्याण के लिए पर्याप्त है, जिसके लिए कठिन तपस्या की जरूरत नहीं। भागवत कथा वैराग्य ज्ञान और भगवान ह...